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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाओं को अपनी डाइट का खास खà¥â€à¤¯à¤¾à¤² रखने की सलाह दी जाती है। इस समय महिलाà¤à¤‚ अपने खाने में à¤à¤¸à¥€ चीजों को शामिल करने की कोशिश करती हैं जिसमें जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पोषक ततà¥â€à¤µ हों।
साउथ इंडियन डिश डोसा को à¤à¥€ बहà¥à¤¤ हेलà¥â€à¤¦à¥€ माना जाता है। कई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ à¤à¥€ इसे हेलà¥â€à¤¦à¥€ सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤• मानकर खाती हैं। हालांकि, पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी डाइट में डोसा को शामिल करने से पहले यह जान लेना चाहिठकि इस समय डोसा खाना चाहिठया नहीं।
​कà¥â€à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में डोसा खा सकते हैं
डोसा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कैलोरी का अचà¥â€à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होता है इसलिठपà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाà¤à¤‚ इसे खा सकती हैं। à¤à¤• मसाला डोसा में 168 कैलोरी, 3.7 गà¥à¤°à¤¾à¤® फैट, 0.5 गà¥à¤°à¤¾à¤® सैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¡ फैट, 4 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® सोडियम, 76 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® पोटैशियम, 29 गà¥à¤°à¤¾à¤® कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और 0.9 गà¥à¤°à¤¾à¤® फाइबर होता है।
​फरà¥à¤®à¥‡à¤‚ट होता है डोसा
चावल और उड़द की दाल को à¤à¤¿à¤—ोकर, इसे पीसने के बाद पेसà¥â€à¤Ÿ को फरà¥à¤®à¥‡à¤‚ट किया जाता है और फिर उससे डोसा बनाया जाता है। फरà¥à¤®à¥‡à¤‚टिंग जरूरी होता है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और खनिज पदारà¥à¤¥ शरीर को आसानी से मिल पाते हैं और यह पेट के लिठहलà¥â€à¤•ा रहता है।
अब जानते हैं कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में फरà¥à¤®à¥‡à¤‚ट फूड कैसा रहता है।
​पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में फरà¥à¤®à¥‡à¤‚ट फूड
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी घट जाती है जिस वजह से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को लिसà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤“सिस का खतरा बढ़ जाता है। जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° फूडà¥à¤¸ में लिसà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पाया जाता है लेकिन कमरे के टेंपरेचर में बढ़ता है।
जब खाने को 65 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हीट पर पकाया जाà¤, तà¤à¥€ लिसà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मरता है। जब फूड को रातà¤à¤°, कà¥à¤› दिनों या हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के लिठऔर रूम टेंपरेचर पर छोड़ दिया जाता है, तब फरà¥à¤®à¥‡à¤‚टेशन होता है। यह फूड में गà¥à¤¡ पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पैदा करने के लिठकिया जाता है लेकिन इसके साथ बैड बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ पनप जाता है। जहां पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में पहले ही इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी कमजोर होती है, वहां फरà¥à¤®à¥‡à¤‚ट फूड से लिसà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤“सिस या अनà¥â€à¤¯ तरह की फूड पॉइजनिंग होने का खतरा रहता है।
​डोसा खा सकती हैं या नहीं
चूंकि, डोसा à¤à¥€ फरà¥à¤®à¥‡à¤‚ट किया जाता है और पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में पाचन और इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी पहले से ही कमजोर होती है इसलिठआपको डोसा जैसे फरà¥à¤®à¥‡à¤‚ट वाले फूड खाने की बजाय पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• फूडà¥à¤¸ खाने चाहिà¤à¥¤
फरà¥à¤®à¥‡à¤‚ट वाले फूड खाने से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ हो सकता है जो मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों के लिठसही नहीं है।
​à¤à¤¸à¥‡ खा सकते हैं डोसा
à¤à¤¸à¤¾ जरूरी नहीं है कि आप चावल और दाल को फरà¥à¤®à¥‡à¤‚ट करने के बाद ही डोसा बनाà¤à¤‚। डोसा बनाने के कई और à¤à¥€ तरीके हैं जैसे कि पालक का डोसा और चà¥à¤•ंदर का डोसा। ये पोषक ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं और इसमें जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक फरà¥à¤®à¥‡à¤‚ट करने की जरूरत à¤à¥€ नहीं पड़ती है।
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